School Login खोलिए, School Profile पर जाइए, Infrastructure section दिखेगा — और फिर शुरू होती है असली परेशानी। कितने कमरे भरूँ? जो toilet बंद पड़ा है उसे functional लिखूँ या नहीं? बिजली कनेक्शन है लेकिन महीनों से आती नहीं — क्या लिखें? पिछले साल जो भरा था वो सही था या नहीं?
यह article इन्हीं सवालों के लिए है। Infrastructure Profile क्या है, इसमें क्या-क्या भरना होता है, कहाँ सोचकर भरना होता है और कहाँ लोग गलती करते हैं — यह सब यहाँ है।

Infrastructure Profile है क्या — और यह data जाता कहाँ है
Infrastructure Profile आपके विद्यालय की भौतिक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड है। इसमें दर्ज data सिर्फ portal पर नहीं बैठता — यह UDISE+ reporting में जाता है, Samagra Shiksha की planning में काम आता है, और जिला व राज्य स्तर के monitoring dashboards में दिखता है। जब शिक्षा विभाग तय करता है कि किस विद्यालय को नए कमरे मिलें, कहाँ toilet block बनाया जाए, किसे computer lab के लिए fund दिया जाए — तो वह इसी data के आधार पर तय होता है। Physical inspection से नहीं, आपकी portal entry से। इसलिए जो भरा है वो जमीनी सच्चाई से मेल खाना चाहिए।
School Login में यह section कहाँ मिलता है
rajshaladarpan.rajasthan.gov.in पर School Login करें — UDISE code और password से।

Dashboard में “School Profile” या “विद्यालय प्रोफाइल” menu खोलें। इसके अंदर “Infrastructure” या “भौतिक सुविधाएँ” नाम का section होता है। कुछ versions में यह “School Profile → Suvidhayen” path पर मिलता है।
अगर आपके dashboard पर School Profile section पर कोई red flag या notification है, तो इसका मतलब है कि विभाग ने आपका data incomplete या outdated flag किया है — और यह session के शुरुआत में या किसी circular के बाद होता है।
Fields क्या-क्या हैं — और हर section में क्या सोचकर भरना है
Infrastructure section कई हिस्सों में बंटा है। हर हिस्से की अपनी logic है।
भवन और भूमि (Building & Land)
यहाँ पूछा जाता है कि भवन पक्का है, अर्ध-पक्का है या कच्चा। विद्यालय की भूमि का स्वामित्व सरकारी है या किराए पर। मुख्य भवन का निर्माण वर्ष।
ध्यान रखें: अगर विद्यालय में एक हिस्सा पक्का है और एक कच्चा, तो जो मुख्य भाग में पढ़ाई होती है उसकी स्थिति भरें।
कक्षा कक्ष (Classrooms)
यहाँ पूछा जाता है — उपयोग में आने वाले कक्षा कक्षों की संख्या, उनकी condition (अच्छी / मामूली मरम्मत / बड़ी मरम्मत जरूरी), और non-teaching use के कमरे अलग से।
सबसे common गलती यह है कि जो कमरा जर्जर है उसे count से हटा देते हैं। ऐसा नहीं करना है। अगर उस कमरे में पढ़ाई होती है — चाहे हालत कैसी भी हो — तो वह count में रहेगा। Condition field में “बड़ी मरम्मत जरूरी” mark करें। इससे विभाग को पता चलेगा कि मरम्मत की जरूरत है। कमरा हटाने से वह जरूरत invisible हो जाती है।
शौचालय और स्वच्छता (Toilets & Sanitation)
बालक और बालिका शौचालय अलग-अलग count होते हैं। Functional और non-functional की संख्या अलग भरी जाती है। Staff toilet अलग। CWSN (दिव्यांग बच्चों के लिए) accessible toilet है या नहीं — यह भी पूछा जाता है। हाथ धोने की सुविधा toilet के पास है या नहीं।
Functional का मतलब है — toilet में पानी की व्यवस्था है और उपयोग हो सकता है। जो toilet बंद है, टूटा है, या जिसमें पानी नहीं है — वह non-functional है। Non-functional toilet को functional mark करने से नुकसान यह होता है कि नया निर्माण sanction नहीं होता।
पेयजल (Drinking Water)
पानी का स्रोत क्या है — नल, हैंडपंप, कुआँ, अन्य। वह functional है या नहीं। पानी filter/treat होता है या नहीं। Rain water harvesting है तो वह भी।
अगर नल connection है लेकिन supply महीनों से बंद है — तो “connection available, non-functional” select करें। “Available” mark करके छोड़ना सही नहीं है क्योंकि इससे problem visible नहीं होती।
पुस्तकालय (Library)
Library है या नहीं, अलग कमरे में है या shared space में, किताबों की संख्या।
अगर library technically है लेकिन एक almari में बंद है और उपयोग नहीं होता — तो वह reality भरें। Portal आपकी library की quality नहीं judge करता, सिर्फ exist करना पूछता है।
प्रयोगशाला (Laboratory)
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए — Science lab है या नहीं, Computer lab है या नहीं, equipment functional है या नहीं।
Computer lab में जो computers physically काम नहीं कर रहे — जैसे screen टूटी हो, OS नहीं हो — वे “working computers” नहीं हैं। Working computers की सही संख्या भरें। संख्या बढ़ा-चढ़ाकर भरने से upgrade के लिए priority नहीं मिलती।
खेल मैदान (Playground)
मैदान है या नहीं, separate है या किसी और institution के साथ shared है, approximate area।
बिजली और Digital Infrastructure
Electricity connection है या नहीं, functional है या नहीं। Working computers की संख्या। Internet available है या नहीं। Smart classroom / projector-based classroom है या नहीं।
बिजली connection है लेकिन supply irregular है — connection “available” mark करें। Internet connection है लेकिन महीनों से काम नहीं कर रहा — “non-functional” mark करें ताकि यह issue escalate हो सके।
चारदीवारी और Ramp
Boundary wall है या नहीं, उसकी condition। CWSN बच्चों के लिए main entrance पर ramp बना है या नहीं।
⚡ Read Also: Shala Darpan Vocational Education Tracking GuideSave और Final Submit का फर्क — यहाँ गलती मत करना
Infrastructure section के हर sub-section में “Save” या “सुरक्षित करें” का button होता है। यह individual section save करता है। अगर internet slow है या बीच में बंद हो जाए — हर section के बाद save करते रहें।
जब सब sections पूरे हो जाएं, तब School Profile के main page पर “Final Submit” का option आता है।
Final Submit करने के बाद data school level पर lock हो जाता है। इसके बाद आप खुद edit नहीं कर सकते। कोई भी correction करने के लिए Block Education Officer को लिखित request देनी होगी — वे Block/CBEO Login से specific field unlock कर सकते हैं। यह process धीमी है। इसलिए Final Submit से पहले एक बार पूरा data review करें।
Submit के बाद data कहाँ जाता है
Submit हुआ data दो जगह reflect होता है।
- पहला — Shala Darpan पर Citizen Window में, जहाँ कोई भी नागरिक बिना login के आपके विद्यालय की profile देख सकता है।
- दूसरा — जिला और राज्य स्तर के dashboards में, जहाँ education officials infrastructure gaps identify करके fund allocation करते हैं।
विभाग समय-समय पर CBEO visits के दौरान portal data का physical reality से मिलान करता है। अगर बड़ा अंतर मिले तो school head को स्पष्टीकरण देना होता है। इसलिए जो दिखता है वही भरें। नई सुविधा — नया कमरा बना, नया toilet block बना, SMC grant से कुछ हुआ — अगले update cycle में portal पर add करना जरूरी है। जो infrastructure portal पर नहीं है वह विभाग के records में नहीं है।
FAQs
पिछले साल का data portal पर दिख रहा है — बदलूँ या वैसे ही submit कर दूँ?
पहले एक-एक field की जमीनी reality से तुलना करें। जो बदला है उसे update करें। जो same है उसे छोड़ें। फिर submit करें। बिना review किए वही data re-submit करना भी एक option है अगर सब सच है — लेकिन बिना check किए नहीं।
एक toilet repair होकर functional हो गया — क्या अभी update करूँ या साल के अंत में?
अभी update करें। Infrastructure data किसी annual cycle का इंतजार नहीं करता। जब भी school-level editing open हो, तब update हो सकता है। अगर profile “locked” है तो Block MIS से उस specific field को unlock करवाएं।
Final Submit हो गई, एक field गलत भर गया — क्या करूँ?
Block Education Officer को लिखित आवेदन दें जिसमें UDISE code, field का नाम, गलत value और सही value लिखें। वे CBEO Login से unlock करेंगे। District MIS office भी यह काम करता है।
Computer lab में 10 computers हैं लेकिन 4 काम नहीं करते — क्या भरूँ?
Working computers की संख्या भरें — यानी 6। Non-functional computers को count में रखने से आपको कोई फायदा नहीं, बल्कि upgrade priority कम हो सकती है।